रायपुर में घूमने की जगह 2022 | Top 10 Tourist Places Of Raipur in Hindi 2022

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रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी है और छत्तीसगढ़ के ठीक मध्य में स्थित है जिस कारण से इसे छत्तीसगढ़ का ह्रदय (Heart of Chhattisgarh) भी कहा जाता है। रायपुर की बात की जाए तो यह अपने आप में ही संपूर्ण छत्तीसगढ़ को समेटे हुए है रायपुर को हम पर्यटन की निहारे तो क्या कुछ नहीं है रायपुर की इस पावन धरा में- धार्मिक आस्थाओं से जुड़े बहुत से लोकप्रिय स्थल, प्राकृतिक सुंदरता को समेटे हुए, शॉपिंग करने के लिए बड़े-बड़े मॉल से लेकर छोटे बाजार भी हैं, जिसमें आप लोकल खरीदारी करने का एक अलग ही आनंद करेंगे, यहां बड़े-बड़े झील, नदी, तालाब जो पर्यटन की दृष्टि से काफी खुबसूरत हैं। तो दोस्तों चलिए आपको ले चलते है रायपुर और विस्तार से बताते है रायपुर में घूमने की जगह के बारे में।

Table of Contents

रायपुर में घूमने लायक जगह (Raipur me Ghumne ke liye achhi jagah)-

रायपुर का प्रसिद्ध विवेकानंद सरोवर (Raipur ka Prasidha Vivekanand Sarowar)-

विवेकानंद सरोवर रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक हैं। प्रतिदिन काफी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आते हैं। यह रायपुर का सबसे पुराना तालाब है और इसे बूढ़ा तालाब के नाम से जाना जाता है। इसे पर्यटन क्षेत्र के रुप में विकसित कर इसका नाम विवेकानंद सरोवर रखा गया। इस सरोवर के मध्य में आपको एक टापू देखने को मिलेगा जिस पर स्वामी विवेकानंद जी की विशाल प्रतिमा स्थापित गई है इसलिए इस सरोवर का नाम विवेकानंद सरोवर रखा गया। शाम के समय में आप यहां भव्य रंग-बिरंगी लाइटों के बीच खूबसूरत फव्वारे का भी आनंद ले सकते हैं। यह रायपुर का प्रसिद्ध विवेकानंद सरोवर रायपुर रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर की दूरी और पंडरी बस स्टैंड से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। आप जब भी रायपुर आए तो यहां इस सरोवर का आनंद लेने जरूर आएं।

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रायपुर का प्राचीन महंत घासीदास संग्रहालय (Raipur ka prachin Mahant Ghasidas Sangrahaly)-

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रायपुर का एक मात्र संग्रहालय

महंत घासीदास संग्रहालय रायपुर का सबसे प्राचीन संग्रहालय है। इस संग्रहालय को 1875 में राजा महंत घासीदास जी द्वारा बनवाया गया था, अपने छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और पुरातत्व को आने वाली पीढियों के लिए सुरक्षित रखने के मकसद से इसका निर्माण किया गया था। फिर 1953 में इस संग्रहालय का पुनः निर्माण किया गया जिसका उद्घाटन भारत के प्रथम राष्ट्रपति माननीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के हाथों किया गया था। इस संग्रहालय में आपको छत्तीसगढ़ के पौराणिक संबंधित, ऐतिहासिक संबंधित सिक्के, मूर्तियां आदि और आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को करीब से जानने को मिलेगा। इस संग्रहालय में एक रेस्टोरेंट भी मौजूद है जिसे गढ़कलेवा (छत्तीसगढ़ की स्थानीय भाषा में) कहा जाता है जहां आप छत्तीसगढ़ में प्रमुख व्यंजनों का लुफ्त उठा सकते हैं।

महंत घासीदास संग्रहालय रायपुर के घड़ी चौक के समीप स्थित है। यह संग्रहालय रायपुर जंक्शन से 13 किलोमीटर की दूरी पर है।

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रायपुर का खुबसूरत गांधी उद्यान पार्क (Raipur ka khubsurat Gandhi Udyan Park)-

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रायपुर का खुबसूरत गांधी उद्यान पार्क

गांधी उद्यान पार्क रायपुर के मध्य गौरव पथ पर, भगत सिंह चौक तक फैला हुआ है। मुख्यमंत्री निवास के बिलकुल समीप स्थित है। इस पार्क में हरियाली को लेकर विशेष महत्व देते हुए हरे-भरे पेड़-पौधे से इस उद्यान की खूबसूरती बढ़ाई गई है। यह पार्क बहुत बड़े हिस्से में फैला हुआ है इसी पार्क में बहुत से अलग-अलग गार्डन हैं। बच्चों के खेलने के लिए अलग गार्डन जहां झूले लगे हुए हैं और भी गार्डन हैं जहां सुबह सुबह योग की कक्षाएं लगती है जिसमे छोटे-बड़े से लेकर बुजुर्ग शामिल होते हैं। अधिकांश लोग यहां सुबह-सुबह ताज़ी हवा और शुद्ध ऑक्सीजन लेने के लिए आते है। यहां morning walk के लिए अलग से 400 मीटर का walk way बनाया गया है।

सुबह-सुबह हरे भरे पेड़ों के बीच उगते हुए और संध्या के समय डूबते हुए सूरज की लालिमा को निहारना एक सुखद अनुभव कराता है। रायपुर जंक्शन से इस पार्क महज 5 किलोमीटर की दूरी पर और बस स्टैंड पंडरी से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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रायपुर का सबसे प्राचीन महामाया मंदिर (Raipur ka sabse Prachin Mahamaya Mandir)-

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पुरानी बस्ती में स्थित माँ महामाया मंदिर रायपुर का धार्मिक और आस्था का केंद्र है, यह प्राचीन मंदिर रायपुर के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है यह मंदिर 8 वीं शताब्दी से पूर्व यानि की कुछ 1400 साल पहले इस प्राचीन महामाया मंदिर का निर्माण राजा मोरध्वज द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर में माँ महिषासुर मर्दानी की प्रतिमा स्थापित है। सबसे प्राचीन मंदिर होने के करण से इस मंदिर की महत्ता/मान्यता और भी बढ़ जाती है। रायपुर के इस प्राचीन महामाया मंदिर में आप एक साथ तीन महा शक्तियों के दर्शन करसकते हैं- महामाया जो स्वयं माँ काली के रूप में विराजित हैं, माँ समलेश्वरी देवी (माँ सरस्वती के रूप मेँ) और माँ लक्ष्मी जी।

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रायपुर का प्रचलित वाटर पार्क एम.एम. फन सिटी (Raipur Famous water Park M.M. Fun city)-

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वाटर अम्यूसमेंट फन पार्क रायपुर

यह एम. एम. फन सिटी रायपुर में मौज मस्ती करने और गर्मी के दिनों को और भी ठंडक और खुशनुमा बनाने का एक प्रमुख स्थान है यह रायपुर का सबसे प्रचलित और सबसे बड़ा  वाटर एम्यूज़मेंट पार्क है आप अपनी गर्मी की छुट्टीयों को और भी आनंद से भरना चाहते है तो बच्चों और परिवार के साथ जरूर आये यह आपको फन की एक अलग ही दुनिया में ले जायेंगे। यह वाटर पार्क रायपुर रेलवे स्टेशन से 23 किमी की दूरी पर स्थित है।

छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र रायपुर (Chhattisgarh Science Center Raipur)-

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हम जिधर भी देखें, जहां भी देखें चारों तरफ विज्ञान ही विज्ञान! हम अपने आप को विज्ञान के क्षेत्र से घिरा हुआ पाते हैं ऐसे में विज्ञान को करीब से देखने उनको समझने की उत्सुकता और भी बढ़ जाती है तो यह विज्ञान केंद्र (Science Museum) आपके लिए बेहतर साबित होगा। इस साइंस म्यूजियम में विज्ञान के अनोखे अविष्कारों और उनके चमत्कार को काफी सरलता से प्रदर्शित किया गया है जो बच्चों और बड़ों को आसानी से समझने में मदद करता है। आप यहाँ आये और बच्चों को भी अपने साथ में लाएं जिससे बच्चे विज्ञान के प्रति जिज्ञासु हों। यह विज्ञान केंद्र पंडरी बस स्टैंड से लगभग 6 किमी और रायपुर जंक्शन से लगभग 9 किमी की दूरी स्थित है।

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रायपुर का लोकप्रिय और प्राचीन दूधाधारी मठ (Raipur Famous and Ancient Dudhadhari math)-

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दूधाधारी मंदिर सत्रहवीं (17वीं) शताब्दी में निर्मित रायपुर का सबसे प्राचीन और लोकप्रिय मंदिर है। यह मठ संत बलभद्रदास जी को समर्पित है यह संत अपने भोजन में अन्न ग्रहण नहीं करते थे वे केवल दूध को ही आहार के रूप में सेवन किया करते थे जिस कारण से लोग उन्हें दूध आहारी कहने लगे, आगे चलकर यह नाम काफी प्रचलित हुआ, यही कारण है कि इस मठ को संत बलभद्रदास जी के नाम पर दूधाधारी मठ के नाम से जाना जाता है। इस मठ में भगवान श्रीराम, उनके परम भक्त हनुमान जी और उत्तराभिमुख भगवान बालाजी (चतुर्भुजी विष्णु अवतार में) ऐसे तीन मंदिर स्थापित हैं। यह मठ प्राचीन होने के साथ ही बहुत ही भव्य सुसज्जित और मान्यताओं से परिपूर्ण है और रामायण काल के रोचक कथाओं को बयां करता है।  दूधाधारी मठ रायपुर जंक्शन से 5.5 किमी और पंडरी बस स्टैंड से लगभग 5 किमी की दूरी पर स्थित है।

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रायपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल पुरखौती मुक्तांगन ( Raipur ka pramukh Paryatan Sthal Purkhauti Muktangan)-

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वर्ष 2006 में निर्मित पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत गार्डन है इसे रायपुर का खुला संग्रहालय या (Open Museum) कहा जाये तो यह गलत नहीं होगा, जो संपूर्ण छत्तीसगढ़ को अपने में समेटे हुए है। यदि आप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ को एक ही स्थान पर और बहुत ही कम समय में करीब से देखना और छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति से रूबरू होना चाहते हैं तो यह गार्डन आपके लिए सबसे उत्तम स्थान साबित होगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी संस्कृति, लोक कला-नृत्य, ग्राम्य जीवन शैली को बड़े ही खूबसूरत ढंग से दर्शाया गया है। रायपुर जंक्शन से Open Museum की दूरी लगभग 26.5 किमी तथा रायपुर बस स्टैंड से 21 किमी की दूरी पर स्थित है।

रायपुर का प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र नंदनवन (Raipur Famous Tourist Place Nandanvan Jungle Safari)-

नंदनवन, नया रायपुर (नवा रायपुर) में स्थित एक चिड़ियाघर है जो रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। दोस्तों हमने तो बहुत से चिड़ियाघर देखे हैं जिसमें जानवरों को पिंजरे के अंदर रखा जाता है और हम उन्हें बाहर से देखते हैं लेकिन इस नंदनवन में कुछ उल्टा है जी हाँ, यहाँ जानवरों को उनके अनुकूल परिवेश में रखा जाता है और हम उन्हें पिंजरे के अंदर से उन्हें देखते हैं यहाँ जानवरों का विशेष ध्यान रखा जाता है इनका मुख्य उद्देश्य यही है कि जानवरों की रक्षा करें और उन्हें संरक्षित कर रखें, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस चिड़ियाघर को जंगल सफारी के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ जानवरों को शाकाहारी, मांसाहारी, जलीय जीव जैसे अलग-अलग वर्गों में रखा गया है जिसमें आपको टाइगर सफारी, लायन सफारी, डियर सफारी जैसे अलग-अलग हिस्सों में जानवरों को अपनी आँखों के सामने देखने मिलेगा जो बच्चों के लिए एक अनोखा अनुभव साबित होगा। आप यहाँ आये और अपने साथ बच्चों को भी लेकर आएं। रायपुर रेलवे स्टेशन से नंदनवन 27 किमी और बस स्टैंड पंडरी से 24 किमी की दूरी पर स्थित है।

रायपुर का भव्य श्रीराम मंदिर (Raipur Magnificent Shree Ram Temple)-

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वी. आई. पी. रायपुर में स्थित भगवन श्रीराम जी का भव्य मंदिर श्रद्धा और आस्था के लिए जाना जाता है यह भव्य मंदिर रायपुर के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में से एक है सैकड़ों शर्द्धालु प्रतिदिन यहाँ दर्शन के लिए आते हैं इस मंदिर की खास बात यह है कि पुरे छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम का एकलौता भव्य मंदिर है जिसे राजस्थान के लाल पत्थरों से राजस्थान और उड़ीसा के कारीगरों द्वारा बनवाया गया है। इस मंदिर की शोभा बढ़ाते श्रीराम और माता सीता जी की खुबसूरत प्रतिमा मंदिर के मध्य में विराजित है। यह खुबसूरत प्रतिमा राजस्थान के मकराना पत्थर को तराश कर बनाया गया है। मंदिर परिसर में श्रीराम के सम्मुख हनुमान भगवान जी का मंदिर है और आपको इस मंदिर परिसर में अन्य 16 देवी देवताओं के भी दर्शन करने को मिलेंगे। इस मंदिर में भगवान हनुमान की माताश्री मां अंजनी का खुबसूरत मंदिर स्थापित किया गया है। जब भी रायपुर आएं तो इस भव्य मंदिर में भगवान श्रीराम जी के दर्शन जरूर करें। यह मंदिर रायपुर के वी. आई. पी. चौक पर स्थित है जो कि रेलवे स्टेशन से 8 किमी और बस स्टैंड से लगभग 6 किमी की दूरी पर है।

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रायपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit in Raipur)-

वैसे तो रायपुर में घूमने के लिए साल के 12 महीने अनुकूल है फिर भी यदि आप जानना चाहते हैं कि रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल को घूमने का अच्छा समय कौन सा है तो दोस्तों अक्टूबर से लेकर फरवरी तक का समय सबसे उत्तम समय है जहाँ आप घूमने के साथ-साथ लोकल मार्केट से शॉपिंग का आनंद ले सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों यह था रायपुर में घूमने की जगहों की संपूर्ण जानकारी, जिसमें मैंने आपको सभी जगहों की जानकारी विस्तार से देने का प्रयास किया है, मैं आशा करता हूँ कि यह आर्टिकल आपको रायपुर visit करने में काफी मददगार साबित होगा।

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